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Role of probiotics in first week of day old chicks

Good Bugs Drive Out Bad Bugs!

अच्छे बैक्टीरिया से — बुरे बैक्टीरिया को भगाएं

an umbrella to early challenges

ब्रॉयलर चूजों के जीवन के पहले सप्ताह में प्रोबायोटिक्स सप्लीमेंटेशन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस समय चूजों की आंत (gut) पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए लाभकारी बैक्टीरिया देने से आंतों में अच्छे माइक्रोफ्लोरा का विकास होता है। इससे पाचन शक्ति बेहतर होती है, फीड का उपयोग सही तरीके से होता है और वृद्धि दर तेज होती है। प्रोबायोटिक्स हानिकारक बैक्टीरिया जैसे E. coli और Salmonella के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं, जिससे दस्त और संक्रमण का खतरा घटता है। पहले सप्ताह में इसका उपयोग इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे चूजे तनाव और रोगों का बेहतर सामना कर पाते हैं। साथ ही यह FCR (Feed Conversion Ratio) सुधारने, मृत्यु दर कम करने और स्वस्थ शुरुआत देने में सहायक होता है। इसलिए पहले सप्ताह में प्रोबायोटिक्स सप्लीमेंटेशन ब्रॉयलर उत्पादन में बेहतर प्रदर्शन की मजबूत नींव रखता है।

ब्रॉयलर में प्रोबायोटिक्स की भूमिका (पहले सप्ताह में)

प्रोबायोटिक्स क्या हैं?

प्रोबायोटिक्स जीवित सूक्ष्मजीव (Lactobacillus, Bacillus, Bifidobacterium आदि) होते हैं जो आंत में लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाते हैं और मेजबान के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।

पहले सप्ताह में प्रोबायोटिक्स क्यों जरूरी हैं?

नवजात चूजों की आंत बिल्कुल खाली और अविकसित होती है। पहले 7 दिन आंत के माइक्रोबायोम के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान हानिकारक बैक्टीरिया (Salmonella, E. coli, Clostridium) आसानी से कब्जा कर सकते हैं।

1. 🦠 आंत का विकास (Gut Development)

  • आंत की विल्ली (Villi) की लंबाई और क्रिप्ट की गहराई बढ़ती हैI

  • पोषक तत्वों का अवशोषण क्षेत्र अधिक होता हैI

  • आंत की परत (Epithelial barrier) मजबूत बनती है I

2. 🛡️ रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity)

  • Bursa   का विकास बेहतर होता हैI

  • IgA (Immunoglobulin A) का स्राव बढ़ता हैI

  • Macrophage और T-cell की सक्रियता बढ़ती हैI​

3. ⚖️ हानिकारक बैक्टीरिया से सुरक्षा (Competitive Exclusion)

  • Salmonella और E. coli को आंत में जमने से रोकता हैI

  • लाभकारी बैक्टीरिया पहले स्थान घेर लेते हैंI

  • Bacteriocin और Lactic acid उत्पन्न करके pH कम करते हैंI

4. 🌾 पाचन शक्ति में सुधार (Digestive Efficiency)

  • Amylase, Lipase, Protease एंजाइम की सक्रियता बढ़ती हैI

  • दाने का पाचन और अवशोषण बेहतर होता हैI

  • Feed Conversion Ratio (FCR) में सुधार आता हैI

5. 📈 वजन वृद्धि (Body Weight Gain)

  • पहले सप्ताह में वजन अधिक होता हैI

  • Early uniform growth मिलती हैI

  • Flock uniformity बेहतर रहती हैI

उपयोग का तरीका (Dosage & Administration)

  • पानी में मिलाकर — हैचरी से आने के तुरंत बाद पहले पानी में देंI

  • दाने पर छिड़काव — Starter feed पर मिलाएंI

  • मात्रा — आमतौर पर 1–2 ग्राम प्रति लीटर पानी (उत्पाद के अनुसार)

  • समय — Day 1 से Day 7 तक नियमित रूप से

सावधानियाँ

⚠️ एंटीबायोटिक के साथ प्रोबायोटिक न दें — दोनों एक साथ देने से प्रोबायोटिक निष्क्रिय हो जाते हैं। कम से कम 2-3 घंटे का अंतर रखें।

  • सही तापमान पर स्टोर करें (ज्यादातर 2–8°C या Room temperature — label देखें)

  • Expiry date जांचेंI

AGP-Free Poultry is the Future — Be the Future Today!

(एंटीबायोटिक-मुक्त पोल्ट्री भविष्य है — आज ही भविष्य बनें!)

Villi length , Crypt , Tight Junction
Alternate to antibiotics

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